नई सुबह
नई सुबह की नई किरणे
नई उर्जा का सौगात मिला
मां की धरा पवित्र भूमि पर
वरदान रूप हमे मिला
हैं विश्वरूप धरा जहां
करूणामय बुद्ध का अवतार हुआ
भाग्य हमारा अनमोल है
हमको भी यह सौभाग्य मिला
सत्य अहिंसा व शांति का
पग -पग जिसने विस्तार किया
है बुद्ध की महानता ये
जिनसे आकर्षण केन्द्र बना
आ चले उस केंद्र ओर
जहाँ मानवता का नया ग्यान मिला
सम्मान कर उस ग्यान का
नई सुबह का आगाज कर
आगाज कर फिर से वतन मे
सत्य ,शांति का चमन फैलाएगे
एक-साथ चल नव भारत को
आ नई पहचान दिलाएगे
नई सुबह की नई किरणे
नई उर्जा का सौगात मिला
मां की धरा पवित्र भूमि पर
वरदान रूप हमे मिला
*****
" हम शान है मान है, अरमान है वतन का
मां की धरा पवित्र भूमि की, वरदान है वतन का
वरदान की एहमीयत को ,हम सभी ने जाना है
अब जान कर पहचान, दिलाना है वतन को"
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Your Author -पारसनाथ
धन्यवाद!
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