जो बीत गया वो बीत गया

 


जो बीत गया वो बीत गया 

हम कल का तस्वीर बनाऐंगे

आने वाले सदियों मे 

फिर से इतिहास रचाऐंगे


ये लोग जो हिम्मत हार चुके

अपनो के पराये बन चुके

हम उनकी हारी दुनिया मे

अब जीत बनकर उभरेंगे

                      जो बीत गया...हम कल का...

ये दुनिया वाले की रित है

अपने को अपना प्रित है

हम उनकी छोटी नियत को 

अब सर्वप्रित बनाऐंगे

                     जो बीत गया... हम कल का...

ये लोग जो आंखें बन्द कर

तकदीर अपनी मरोड़ रहे

हम उनकी अंधेरी बगिया मे

एक दिपक की भांति आऐंगे

                    जो बीत गया... हम कल का...

स्वपन मैने देख लिया

अब कर के कुछ दिखलाऐंगे

सो रही इस दुनिया को

खुद जाग और जगाऐंगे

                  जो बीत गया वो बीत गया

                  हम कल का तस्वीर बनाऐंगे

                 आने वाले सदियों मे 

                 फिर से इतिहास रचाऐंगे.

                            *****

"आऔ करे शुरूआत,अंत की चिंता क्यों करे

 रौशनी फैली है, अंधेरे की गुंजाइश क्यों करे

 तमन्ना है यदि कुछ कर दिखाने का

 तो गुजरे कल की याद क्यों करे" 

                            *****

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                         आपका Author- पारसनाथ                                         धन्यवाद.

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